एक और भारतीय बना दूसरे देश का राष्ट्रपति – Tharman Shanmugaratnam के बारे में जानिए |

United kingdom के बाद एक और भारतीय दूसरे देश का राष्ट्रपति बना है | जी हाँ Tharman Shanmugaratnam ( थर्मन शनमुगरत्नम ) जो की मूल भारतीय है लेकिन हालही में वो सिंगापुर के राष्ट्रपति ( Tharman Shanmugaratnam Singapore President ) बन गए है |

Tharman Shanmugaratnam
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थर्मन शनमुगरत्नम सिंगापुर के 9 वें राष्ट्रपति

भारतीय मूल के थर्मन शनमुगरत्नम ने 13 सितंबर, 2023 को सिंगापुर के 9 वें राष्ट्रपति के रूप में जीत हासिल की। उन्होंने अपने दो चीनी प्रतिद्वंद्वियों, एनजी कोक सॉन्ग और टैन किन लियान को हराया। शनमुगरत्नम की जीत एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, क्योंकि वह सिंगापुर के पहले भारतीय मूल के राष्ट्रपति हैं।

थर्मन शनमुगरत्नम का जन्म

शनमुगरत्नम का जन्म 25 फरवरी, 1957 को सिंगापुर में हुआ था। उनके पिता एक मेडिकल वैज्ञानिक थे और उनके दादा तमिलनाडु से सिंगापुर आए थे। शनमुगरत्नम ने लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स से अर्थशास्त्र में स्नातक की डिग्री प्राप्त की और फिर कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में एम.ए. किया।

शनमुगरत्नम ने एक सफल राजनीतिक और सरकारी करियर बनाया है। उन्होंने 2008 से 2011 तक सिंगापुर के उप प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया और 2011 से 2019 तक वित्त मंत्री के रूप में कार्य किया। उन्हें एक अनुभवी अर्थशास्त्री और एक कुशल प्रशासक माना जाता है।

शनमुगरत्नम की जीत को सिंगापुर में एक सकारात्मक विकास के रूप में देखा जा रहा है। यह एक संकेत है कि सिंगापुर में सभी समुदायों के बीच बढ़ती समानता है। यह एक संकेत भी है कि सिंगापुर में शिक्षा और योग्यता की सराहना की जाती है।

शनमुगरत्नम की जीत भारत के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि है। यह एक संकेत है कि भारतीय मूल के लोग दुनिया भर में सफल हो रहे हैं। यह एक संकेत भी है कि भारतीय संस्कृति और मूल्य दुनिया भर में फैल रहे हैं।

शनमुगरत्नम की जीत के कुछ महत्वपूर्ण पहलू निम्नलिखित हैं:

  • वह सिंगापुर के पहले भारतीय मूल के राष्ट्रपति हैं।
  • उन्होंने अपने दो चीनी प्रतिद्वंद्वियों को हराया, जो एक संकेत है कि सिंगापुर में सभी समुदायों के बीच बढ़ती समानता है।
  • वह एक अनुभवी अर्थशास्त्री और एक कुशल प्रशासक हैं।
  • उनकी जीत भारत के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि है।

शनमुगरत्नम के राष्ट्रपति पद के कार्यकाल से सिंगापुर और भारत के बीच संबंधों में और मजबूती आने की उम्मीद है।

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शनमुगरत्नम की जीत का महत्व

शनमुगरत्नम की जीत का सिंगापुर के लिए कई तरह से महत्व है। सबसे पहले, यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, क्योंकि वह सिंगापुर के पहले भारतीय मूल के राष्ट्रपति हैं। यह सिंगापुर में सभी समुदायों के बीच बढ़ती समानता का प्रतीक है। यह एक संकेत है कि सिंगापुर एक समावेशी और बहुसांस्कृतिक समाज है, जहाँ सभी समुदायों के लोगों को समान अवसर प्राप्त हैं।

दूसरे, शनमुगरत्नम एक अनुभवी अर्थशास्त्री और एक कुशल प्रशासक हैं। उनकी जीत से सिंगापुर की अर्थव्यवस्था और सरकार को मजबूत होने की उम्मीद है। शनमुगरत्नम के पास अर्थव्यवस्था और सरकार के संचालन के बारे में गहन ज्ञान और अनुभव है। उन्हें सिंगापुर को वैश्विक आर्थिक चुनौतियों से निपटने और अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद करने की उम्मीद है।

तीसरे, शनमुगरत्नम की जीत भारत के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि है। यह एक संकेत है कि भारतीय मूल के लोग दुनिया भर में सफल हो रहे हैं। यह एक संकेत भी है कि भारतीय संस्कृति और मूल्य दुनिया भर में फैल रहे हैं। शनमुगरत्नम की जीत से भारत और सिंगापुर के बीच संबंधों को और मजबूत होने की उम्मीद है।

शनमुगरत्नम के राष्ट्रपति पद का कार्यकाल सिंगापुर के लिए एक महत्वपूर्ण अवधि होगी। उनकी जीत से सिंगापुर में सभी समुदायों के बीच बढ़ती समानता, एक मजबूत अर्थव्यवस्था और भारत के साथ मजबूत संबंधों की उम्मीद है।

शनमुगरत्नम के लिए चुनौतियाँ

शनमुगरत्नम के सामने कई चुनौतियाँ भी हैं। सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि वह अपने दो चीनी प्रतिद्वंद्वियों को हराने के बावजूद, चीनी बहुमत वाले सिंगापुर में सभी समुदायों के लोगों के लिए एक नेता बन सकें। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी समुदायों के लोगों को सिंगापुर की अर्थव्यवस्था और सरकार में समान अवसर प्राप्त हों।

दूसरी चुनौती यह होगी कि वह सिंगापुर की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों से निपटने में सक्षम हों। सिंगापुर की अर्थव्यवस्था को चीन के आर्थिक मंदी के प्रभाव से बचाने के लिए उन्हें कदम उठाने होंगे।

तीसरी चुनौती यह होगी कि वह भारत और सिंगापुर के बीच संबंधों को और मजबूत करें। उन्हें दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए काम करना होगा।

शनमुगरत्नम एक अनुभवी और योग्य नेता हैं। उन्हें इन चुनौतियों का सामना करने और सिंगापुर को एक बेहतर जगह बनाने के लिए काम करने की उम्मीद है।

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