भारतीय इतिहास की अब तक की सबसे Controversial राष्ट्रपति: प्रतिभाताई पाटिल | Pratibha Patil Most Expensive President

इस आर्टिकल में हम हमारे राष्ट्रपति: प्रतिभाताई पाटिल के बारेमे जानेंगे जिन्होंने अपने शोख के लिए जनता का यानि की हमारा पैसा उपयोग किया हे | Pratibha Patil Most Expensive President क्यों है | और क्यों यह हमेशा से चर्चा में रही है |

Pratibha Patil Most Expensive President
Pratibha Patil Most Expensive President

भारतीय इतिहास की अब तक की सबसे Controversial राष्ट्रपति: प्रतिभाताई पाटिल

भारतीय इतिहास में राष्ट्रपति का पद एक बड़ा महत्व रखता है। यह व्यक्ति देश के सर्वोच्च नायक के रूप में कार्य करता है और उसका चयन एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया के माध्यम से होता है। हमारे देश के कई राष्ट्रपतियों ने अपने कार्यकाल में विभिन्न प्रकार के समर्थन और विरोध से गुजरे हैं, लेकिन आज हम आपको एक ऐसे राष्ट्रपति के बारे में बताएंगे जो अपने चरित्र के लिए काफी विवादित रहे हैं।

प्रतिभाताई पाटिल (Pratibha Patil): उपस्थिति और कार्यकाल

2007 में, प्रतिभाताई पाटिल भारत की राष्ट्रपति बनीं। वे भारतीय इतिहास में पहली महिला राष्ट्रपति थीं और इसके लिए वे एक महत्वपूर्ण और इतिहास में महत्वपूर्ण कदम थे। उनके कार्यकाल में, वे देश के संबंधों को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए।

विवादों का केंद्र: व्यक्तिगत व्यय

प्रतिभाताई पाटिल के कार्यकाल के दौरान, उन्होंने अपने व्यक्तिगत व्यय के लिए किए गए कई विवादित कदम उठाए। वे अपने पूरे परिवार के साथ शेशेल्स दौरे पर गई थीं, और इसके लिए सरकार ने उनपर और उनके परिवार पर 16.38 करोड़ रुपए का खर्च किया था। यह विवाद का केंद्र बन गया था, क्योंकि जनता उनके व्यक्तिगत व्यय के लिए टैक्स के पैसों का इस्तेमाल हो रहा था।

व्यक्तिगत व्यय के विवाद:

प्रतिभाताई पाटिल के कार्यकाल के दौरान, उनके व्यक्तिगत व्यय के संबंध में कई विवाद उत्पन्न हुए। उन्होंने अपने पूरे परिवार के साथ शेशेल्स दौरे पर गई थीं, जिसके लिए सरकार ने उनपर और उनके परिवार पर 16.38 करोड़ रुपए का खर्च किया था। यह व्यवहार जनता में विवाद का कारण बन गया, क्योंकि लोग यह सवाल उठाने लगे कि क्या एक राष्ट्रपति को अपने व्यक्तिगत टैक्स पैदा करने के लिए उनके पैसों का इस्तेमाल करना चाहिए?

विदेशी यात्राएं: कार्यकाल के दौरान किए गए खर्च

प्रतिभाताई पाटिल(Pratibha Patil) के कार्यकाल के दौरान, उन्होंने कई विदेशी यात्राएं की जिनके लिए सरकार ने उनपर करीब 222 करोड़ रुपए का खर्च किया। इन यात्राओं के दौरान, उन्हें दूसरे देशों की तरफ से मिले गिफ्ट्स भी मिले थे, जिन्हें वे अपने व्यक्तिगत उपयोग के लिए करती थीं, जो कि विवाद का कारण बना।

नियमों के खिलाफ: गिफ्ट्स का उपयोग

भारतीय राष्ट्रपति के नियमों के अनुसार, ऐसे गिफ्ट्स को राष्ट्रपति भवन के खजाने में जमा करना होता है, लेकिन प्रतिभाताई पाटिल ने इसे नकारते हुए उनका उपयोग किया और इसे अपने व्यक्तिगत उपहार के रूप में रखा।

अधिवासन बंगला: व्यक्तिगत लाभ के लिए किया गया उपयोग

प्रतिभाताई पाटिल (Pratibha Patil) के कार्यकाल के बाद भी, उन्होंने पुणे में एक डिफेंस लैंड पर अपने लिए आलीशान बंगला बनाया, और उसके लिए वे टैक्स पेयर्स के पैसों का इस्तेमाल करते नजर आईं। यह फैसला कुछ लोगों के लिए विवादित था, क्योंकि यह स्पष्ट रूप से नियमों के खिलाफ था और एक राष्ट्रपति के द्वारा नहीं किया जाना चाहिए था।

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कार्यकाल के दौरान के कुछ रोचक मोमेंट्स और घटनाएं

प्रतिभाताई पाटिल का जीवन: प्रतिभाताई पाटिल 19 दिसम्बर 1934 को बीजापुर, कर्नाटक में पैदा हुई थी। उन्होंने मौर्य युग के एक बड़े बौद्ध धर्म विद्वान, बौद्ध विशेषज्ञ और जवाहरलाल नेहरू के साथी डॉ. धर्मपाल के साथ अपनी पढ़ाई की थी।

भारतीय नारी संगठन: प्रतिभाताई पाटिल ने एक समय भारतीय नारी संगठन के नेता के रूप में काम किया और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में अपनी भूमिका को महत्वपूर्ण बनाया।

उनके परिवार के बारे में: प्रतिभाताई पाटिल के परिवार में उनके पति डॉ. डेविड राजपत, बेटे राजेंद्र सिंह राजपत और बेटी सोनिया गांधी शामिल हैं।

उनका व्यक्तिगत जीवन: प्रतिभाताई पाटिल के राष्ट्रपति बनने के बाद, उन्होंने राजपति भवन में रहने का आलंब नहीं लिया और वे अपने बंगले में रहती थीं।

प्रधानमंत्री और संयुक्त राष्ट्र महासचिव से मुलाकात: प्रतिभाताई पाटिल के कार्यकाल के दौरान, उन्होंने कई बार प्रधानमंत्री और संयुक्त राष्ट्र महासचिव से मुलाकात की और देश के मामलों पर उनकी सलाह ली।

प्रतिभाताई पाटिल के बाद: प्रतिभाताई पाटिल के बाद, प्रणब मुखर्जी ने भारतीय राष्ट्रपति का कार्यभार संभाला।

निष्कर्ष (Pratibha Patil Most Expensive President):

प्रतिभाताई पाटिल के कार्यकाल के कई पहलुओं ने व्यक्तिगत व्यय और नियमों के खिलाफ उनकी सजा में विवाद उत्पन्न किया। इन घटनाओं के चलते, वे भारतीय इतिहास की अब तक की सबसे controversial राष्ट्रपति माने जाते हैं। आपकी राय क्या है? क्या आपका ख्याल है कि उन्हें most controversial राष्ट्रपति का खिताब दिया जाना चाहिए? हमें आपके विचार का स्वागत है, और हम आपके विचारों का आदर करते हैं।

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